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अंतस यात्रा – निखिल दवे

Rs.150.00

अंतस यात्रा – निखिल दवे (pre-booking)

संभावित डिलिवरी – 20-25 मार्च 2018

 

जो पीढ़ी इंटरनेट के मायाजाल में उलझ कर किस्से-कहानी पढ़ना भी भूल रही है, उस पीढ़ी के निखिल दवे ने सैकड़ों सुभाषित संकलित कर अनूठा कार्य किया है।  इनमे कई चिरंतन तो कई नवीनतम हैं।  अपने शब्दों में अपनी सोच से निखिल ने जो संकलन प्रस्तुत किया है उसमें यूँ तो जीवन के हर पहलू पर सुभाषित है परन्तु एक तार जो सबसे गुज़रता है वो है निजी आचार व्यवहार का।  मनुष्य के किये-धरे के मूल में जो नीयत है, इरादा है उसका खास महत्त्व निखिल रेखांकित करते हैं।  बिना कटु हुए उन्होंने सन्मार्ग की बाधाओं पर टिप्पणी की है।  शब्द सागर में जो यह नाव निखिल ने उतारी है वह आशा से भरी है।  उसमे समय के थपेड़ों से सामना करने के गुर हैं, आगे बढ़ने की ललक है और धरा किनारे लगने की नियति है।

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Product Description

जो पीढ़ी इंटरनेट के मायाजाल में उलझ कर किस्से-कहानी पढ़ना भी भूल रही है, उस पीढ़ी के निखिल दवे ने सैकड़ों सुभाषित संकलित कर अनूठा कार्य किया है।  इनमे कई चिरंतन तो कई नवीनतम हैं।  अपने शब्दों में अपनी सोच से निखिल ने जो संकलन प्रस्तुत किया है उसमें यूँ तो जीवन के हर पहलू पर सुभाषित है परन्तु एक तार जो सबसे गुज़रता है वो है निजी आचार व्यवहार का।  मनुष्य के किये-धरे के मूल में जो नीयत है, इरादा है उसका खास महत्त्व निखिल रेखांकित करते हैं।  बिना कटु हुए उन्होंने सन्मार्ग की बाधाओं पर टिप्पणी की है।  शब्द सागर में जो यह नाव निखिल ने उतारी है वह आशा से भरी है।  उसमे समय के थपेड़ों से सामना करने के गुर हैं, आगे बढ़ने की ललक है और धरा किनारे लगने की नियति है।

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